मध्य प्रदेश में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को ₹7,500 हर महीने, NEET-JEE-CLAT कोचिंग भी मिलेगी
निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए नई योजना
मध्य प्रदेश सरकार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए नई छात्रवृत्ति योजना शुरू करने जा रही है। प्रस्तावित योजना के तहत पात्र छात्रों को ₹7,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
योजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और इसे इसी वर्ष लागू करने का प्रस्ताव है। इसके लिए प्रस्ताव को राजपत्र अधिसूचना के लिए भेजा गया है। योजना का नाम भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना बताया गया है। इस योजना में केवल मासिक आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि उच्च शिक्षा की तैयारी से जुड़े खर्चों को भी शामिल किया गया है। पात्र छात्रों को NEET, JEE और CLAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, ट्यूशन, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए सहायता दी जाएगी। हर वर्ष अधिकतम 500 छात्रों को योजना का लाभ दिए जाने का प्रस्ताव है। इनमें 204 सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित रखने की बात कही गई है।
मेरिट के आधार पर होगा चयन
मध्य प्रदेश में छात्रों का चयन मध्य प्रदेश बोर्ड और CBSE के संयुक्त मेरिट के आधार पर किए जाने का प्रस्ताव है। योजना का लाभ लेने के लिए छात्र के माता-पिता में से किसी एक का निर्धारित अवधि से पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना जरूरी होगा। इसके अलावा 90 दिनों के काम का रिकॉर्ड भी आवश्यक होगा। छात्र के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक की शर्त भी रखी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आवेदन करने मात्र से ₹7,500 की सहायता मिलना तय नहीं होगा। छात्रों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

