थाने में एडवोकेट से मारपीट केस में नया मोड़, निलंबित TI पर FIR की मांग को लेकर सड़क पर उतरे वकील

एडवोकेट से मारपीट केस में FIR की मांग करते वकील

भोपाल के जहांगीराबाद थाने में एक वरिष्ठ एडवोकेट के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट के मामले में विवाद बढ़ गया है। पुलिस प्रशासन ने मामले में जहांगीराबाद थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके बाद भी वकीलों का विरोध थमा नहीं है। बुधवार को वकीलों ने कोर्ट के सामने जमा होकर निलंबित थाना प्रभारी के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग उठाई।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने लिया एक्शन

राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद थाने में वरिष्ठ एडवोकेट राकेश रावल के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। राकेश रावल बैरागढ़ कला निवासी हैं और पिछले 21 वर्षों से वकालत कर रहे हैं। मंगलवार रात खटलापुरा क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैफिक में रुकावट को लेकर एडवोकेट राकेश रावल और ट्रैफिक एसीपी के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस बल वकील को जहांगीराबाद थाने लेकर आया। यहां थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर उनके साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए। मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

वकीलों ने कोर्ट के सामने किया प्रदर्शन

मामला सामने आने के बाद वकीलों में नाराजगी बढ़ गई। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। वहां पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू हो गया। स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने पहले मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। पुलिस की ओर से मामले की जांच कराने की बात कही गई थी। हालांकि, वकीलों का कहना था कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है और आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

निलंबित TI पर FIR दर्ज कराने की मांग

एडवोकेट से मारपीट के मामले में वकीलों ने बुधवार को अपनी मांग को और स्पष्ट करते हुए निलंबित थाना प्रभारी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की। वकील कोर्ट के सामने जमा हुए और उन्होंने कहा कि मामले में केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। वकीलों की मांग है कि जिन पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने निलंबित थाना प्रभारी के खिलाफ भी केस दर्ज करने की मांग रखी।

गणेश विसर्जन के दौरान शुरू हुआ था विवाद

मामला मंगलवार रात खटलापुरा क्षेत्र में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सामने आया था। उस समय ट्रैफिक में रुकावट को लेकर एडवोकेट राकेश रावल और ट्रैफिक एसीपी के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद पुलिस बल उन्हें जहांगीराबाद थाने लेकर गया। थाने में थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर एडवोकेट के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए। घटना की जानकारी सामने आने के बाद वकीलों की बड़ी संख्या थाने पहुंची और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वकीलों का आक्रोश बना रहा। मामले की गंभीरता और लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए जहांगीराबाद TI को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। अब वकील चाहते हैं कि निलंबन के साथ-साथ आरोपों को लेकर FIR भी दर्ज की जाए। एडवोकेट से मारपीट के मामले में वकीलों की ओर से उठाई गई मांग के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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