केंद्रीय कर्मचारियों का DA 3% बढ़ा: महंगाई भत्ता हुआ 63%, 1.16 करोड़ लोगों को मिलेगा एरियर
कैबिनेट का बड़ा फैसला, 1.16 करोड़ परिवारों को मिला लाभ
केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में अपने लाखों सेवारत कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को बड़ा वित्तीय तोहफा दिया है। मंगलवार 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है।
आगामी आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले की गई इस वृद्धि के फलस्वरूप अब केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार के इस कल्याणकारी निर्णय का सीधा फायदा लगभग 48 लाख सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख वरिष्ठ पेंशनर्स को मिलेगा। यह केंद्रीय महंगाई भत्ता बढ़ोतरी दीपावली के अवसर पर सरकारी कर्मियों की क्रय शक्ति को बढ़ाने में सीधी मदद करेगी।
1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें, मिलेगा 3 महीने का एरियर
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, महंगाई भत्ते की ये नई बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई से ही प्रभावी (लागू) मानी जाएंगी। इसका अर्थ यह हुआ कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अक्टूबर के नियमित वेतन और पेंशन के साथ जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का बकाया एरियर (Arrears) भी एकमुश्त बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
इससे पहले केंद्र सरकार ने अप्रैल महीने में कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के डीआर में 2 फीसदी का इजाफा किया था, जिसके बाद डीए की दर 60 फीसदी पर पहुंची थी। अब 3 फीसदी की इस नई वृद्धि के बाद यह कुल आंकड़ा 63 फीसदी तक पहुंच गया है। इस प्रकार लागू हुई केंद्रीय महंगाई भत्ता बढ़ोतरी से त्योहारों की खुशियां दोगुनी हो गई हैं।
एआईसीपीआई इंडेक्स के आधार पर होती है भत्ते की गणना
केंद्र सरकार श्रम ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले ‘ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत आंकड़ों के आधार पर मुद्रास्फीति का वैज्ञानिक आकलन करती है और उसी अनुपात में अपने कर्मियों के लिए भत्ते बढ़ाने का निर्णय लेती है। सामान्य नियमों के तहत सरकार हर साल डीए और डीआर में दो बार संशोधन करती है, जिसमें पहला संशोधन जनवरी से तथा दूसरा संशोधन जुलाई की छमाही से प्रभावी होता है।
वर्तमान घोषणा जुलाई सत्र की है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि आगामी वेतन आयोग के गठन की सुगबुगाहट के बीच बेसिक पे पर 63 प्रतिशत का यह ऊंचा भत्ता कर्मचारियों को वास्तविक महंगाई के असर से बचाने में ढाल का काम करेगा। इस फैसले के बाद केंद्रीय महंगाई भत्ता बढ़ोतरी सरकारी खजाने और बाजार दोनों में सकारात्मक नकदी प्रवाह लेकर आई है।
