भारतीय रेलवे का 99.7% विद्युतीकरण पूरा: मोदी सरकार में 3 गुना बढ़ा नेटवर्क, स्विट्जरलैंड के बाद भारत नंबर-2

रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन के तहत ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों के नीचे दौड़ती ट्रेन

2 वर्षों में 33% से 99.7% तक पहुंची विद्युतीकरण की गति

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और हरित ऊर्जा की दिशा में देश ने एक युगांतरकारी वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। देश में रेलवे विद्युतीकरण के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों के दौरान अभूतपूर्व प्रगति देखने को मिली है और यह अब शत-प्रतिशत के आंकड़े के बिल्कुल करीब पहुंच गया है।

साल 2014 तक देश में कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क में से केवल 33 फीसदी हिस्से का ही इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो पाया था, जो अब अक्टूबर 2026 तक बढ़कर 99.7 फीसदी के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुका है। यानी पिछले 12 वर्षों के दौरान यह कार्य तीन गुना से भी अधिक तेज गति से बढ़ा है। इस असाधारण प्रदर्शन के चलते रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन अब भारत को दुनिया के शीर्ष हरित परिवहन वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर चुका है।

70,311 किमी ब्रॉडगेज नेटवर्क हुआ पूरी तरह विद्युतीकृत

रेल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक देश में मौजूद कुल 70,502 किलोमीटर लंबे ब्रॉडगेज नेटवर्क में से 70,311 किलोमीटर लाइन का विद्युतीकरण पूरी तरह संपन्न हो चुका है। भारत में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन की पहली ऐतिहासिक शुरुआत करीब 100 साल पहले वर्ष 1925 में हुई थी, जब पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन बॉम्बे विक्टोरिया टर्मिनस से कुर्ला हार्बर के बीच चलाई गई थी।

स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1950 तक देश में केवल 0.7 किमी और 2001 तक मात्र 23.6 फीसदी नेटवर्क ही बिजली से चल सका था। लेकिन 2014 के बाद इसने अप्रत्याशित रफ्तार पकड़ी; 2018 में यह 43.7%, 2020 में 58.7%, 2022 में 76.1% और 2025 में 99.4% तक पहुंच गया। तीव्र गति से आगे बढ़ा रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन भारत के डीजल आयात बिल को बचाने में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है।

27 राज्यों में 100% काम पूरा, वैश्विक स्तर पर भारत दूसरे पायदान पर

रेलवे के आधिकारिक ब्योरे के मुताबिक देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संपूर्ण रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। वर्तमान में केवल तीन राज्यों—कर्नाटक (120 रूट किमी), असम (55 रूट किमी) और गोवा (16 रूट किमी) में कुल मिलाकर महज 191 किलोमीटर का काम अंतिम चरण में शेष बचा है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

वैश्विक परिदृश्य में देखें तो दुनिया में केवल यूरोपीय देश स्विट्जरलैंड में ही रेल नेटवर्क का 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है और इस मामले में भारत अब दुनिया में दूसरे नंबर पर स्थापित हो चुका है। भारत ने चीन (82%), दक्षिण अफ्रीका (81.1%), जापान (75%), स्पेन (67%), फ्रांस (58%), जर्मनी (53%) और इटली (49.7%) जैसे विकसित देशों को बहुत पीछे छोड़ दिया है, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा मात्र 39% है। इस प्रकार रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन देश को ‘नेट जीरो कार्बन’ उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने में गेमचेंजर साबित हो रहा है।

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