3000 करोड़ की ड्रग्स बरामदगी, 5 पाकिस्तानी गिरफ्तार; ईरानी नाव से मुंबई लाई जा रही थी खेप
ईरानी नाव से मुंबई लाई जा रही थी ड्रग्स
समुद्री रास्ते से मुंबई लाई जा रही करीब 3000 करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ पांच पाकिस्तानी नागरिकों को कोस्ट गार्ड और गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक पांचों आरोपी ईरानी नाव के जरिए ड्रग्स लेकर मुंबई की तरफ जा रहे थे। ड्रग्स बरामदगी की यह कार्रवाई लक्षद्वीप के पास 27 सितंबर को की गई थी, हालांकि इसकी जानकारी बुधवार को सामने आई।
सुरक्षा बलों को इस खेप के समुद्री रास्ते से आने की जानकारी मिली थी। इसके बाद समुद्र और हवा से निगरानी शुरू की गई। खुफिया सूचना मिलने के बाद तटरक्षक बल ने संदिग्ध नाव को लक्षद्वीप के पश्चिमी हिस्से में रोककर उसकी तलाशी ली। नाव, चालक दल और ड्रग्स को सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया है। यहां आरोपियों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
226 किलो मेथामफेटामाइन और हेरोइन
अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए पांचों आरोपी 226 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और हेरोइन को समुद्र के रास्ते मुंबई ले जा रहे थे। जब्त किए गए सामान में उच्च गुणवत्ता वाली मेथामफेटामाइन और हेरोइन शामिल है। इस खेप की कुल कीमत करीब 3000 करोड़ रुपये बताई गई है। पांचों आरोपी पाकिस्तान के नागरिक हैं और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा बलों के मुताबिक वे ईरानी नाव के जरिए प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। ड्रग्स बरामदगी के बाद नाव, चालक दल और जब्त सामग्री को मुंबई लाया गया, जहां पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई होगी। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी खेप समुद्री रास्ते से अवैध तरीके से मुंबई पहुंचाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध नाव को रोककर उसकी तलाशी ली और उसमें मौजूद नशीले पदार्थों को जब्त कर लिया।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है बड़ी खेप
इस कार्रवाई से पहले अप्रैल 2025 में भी गुजरात तट के पास एटीएस और भारतीय तटरक्षक बल ने करीब 311 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की थी। उस खेप की कीमत करीब 1,800 करोड़ रुपये बताई गई थी। इस मामले में भी समुद्री रास्ते से नशीले पदार्थों की तस्करी का मामला सामने आया था। ताजा कार्रवाई में सुरक्षा बलों को जानकारी मिलने के बाद समुद्र और हवा से निगरानी की गई। संदिग्ध नाव को लक्षद्वीप के पश्चिमी हिस्से में रोका गया। तलाशी के दौरान नाव में ड्रग्स मिलने के बाद उसे मुंबई लाया गया। अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए पांचों आरोपी ईरानी नाव के जरिए समुद्री रास्ते से प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहे थे। इस कार्रवाई से समुद्री रास्ते से होने वाली अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क पर भी कार्रवाई में मदद मिलने की बात अधिकारियों ने कही है।
लक्षद्वीप के पास चला ऑपरेशन
सुरक्षा बलों ने इस कार्रवाई को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। 27 सितंबर को लक्षद्वीप के पास संदिग्ध नाव की निगरानी की गई और उसे रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान नाव में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ मिले। इसके बाद नाव और उसमें मौजूद पांचों आरोपियों को सुरक्षा घेरे में मुंबई लाया गया। अधिकारियों के अनुसार यहां आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। जब्त किए गए सामान में 226 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मेथामफेटामाइन और हेरोइन शामिल है। ड्रग्स बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और समुद्री रास्ते से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
समुद्री तस्करी पर कार्रवाई में मदद
अधिकारियों के मुताबिक इस कार्रवाई से समुद्री रास्ते से होने वाली अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी को रोकने में मदद मिलेगी। संदिग्ध नाव को लक्षद्वीप के पास रोककर की गई कार्रवाई के बाद पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त होने के साथ-साथ आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस खेप को कहां से लाया गया था और मुंबई तक पहुंचाने की योजना क्या थी। इस कार्रवाई में कोस्ट गार्ड और गुजरात एटीएस की भूमिका रही। करीब 3000 करोड़ रुपये की बताई गई ड्रग्स के साथ पांच पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी इस ऑपरेशन का प्रमुख हिस्सा रही। आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं।
