हर साल फी हॉलिडे के नाम पर कपल से हुई ठगी, कोर्ट ने ऐसे वापस दिलाया पैसा
फ्री हॉलिडे पैकेज का दिया गया लालच
आप यदि महानगर या बड़े शहर में रहते हैं तो इस तरह का कॉल आपको भी आया होगा। कोई व्यक्ति आपको फोन कर कहता होगा कि आपका नाम एक लकी ड्रॉ में निकला है। आपको कुछ दिनों का फ्री हॉलिडे पैकेज दिया जा रहा है। साथ ही कुछ अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। आपको फलाने दिन इस होटल में सुबह 10 बजे आ जाइए। आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।
साथ ही फ्री लंच भी मिलेगा। दिल्ली के एक कपल को भी ऐसा ही कॉल आया था, लेकिन उन्हें धोखा मिला। रिपोर्ट के मुताबिक जून 2025 की यह घटना है। उस कपल को दिल्ली के जनकपुरी स्थित हयात सेंट्रिक होटल में एक प्रमोशनल इवेंट में बुलाया गया। उन्हें बताया गया कि उन्हें तीन रात-चार दिन के कॉम्प्लीमेंट्री हॉलिडे स्टे के लिए चुना गया है। साथ ही उन्हें PVR में मूवी देखने के दो टिकट और सैलून का एक वाउचर भी मिलेगा। इवेंट में बताया गया कि उन्हें हॉलिडे मेंबरशिप खरीदनी होगी।
92 हजार की मेंबरशिप और 72 हजार का रिवाइज्ड पैकेज
रिपोर्ट के अनुसार, इसकी ओरिजिनल मेंबरशिप की कीमत 92 हजार रुपये थी। उसमें पांच साल की अवधि तक छह रात-सात दिन के होटल स्टे का वादा था। कपल ने इसे खरीदने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्हें 72 हजार रुपये में रिवाइज्ड पैकेज के लिए मनाया गया। इसके लिए उन्होंने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर दो साल के EMI स्कीम के तहत पेमेंट कर दिया। उन्हें बताया गया कि पैकेज के तहत उन्हें लग्जरी होटल और रिसॉर्ट में रहने की सुविधा मिलेगी। कपल का आरोप है कि उन्हें वादा किया गया वाउचर नहीं दिया गया। साथ ही उन्हें जो मेंबरशिप डॉक्यूमेंट मिले, उसकी नियम-शर्तें कुछ अलग ही थीं। उसमें लिखा था कि कपल को हर साल मेंटेनेंस चार्ज चुकाना होगा और उसमें हर साल रिविजन होगा।
डॉक्यूमेंट पढ़ने के बाद सामने आईं अलग शर्तें
कपल को यह भी लगा था कि पैकेज खरीदने के बाद देश के किसी भी फोर स्टार या फाइव स्टार होटल में रहने की सुविधा मिलेगी। लेकिन डॉक्यूमेंट पढ़ने पर पता चला कि कुछ ही शहरों की कुछ ही प्रॉपर्टी में वह रह सकते थे। यानी जिस तरह की सुविधा और लाभ के बारे में उन्हें प्रमोशनल इवेंट में बताया गया था, डॉक्यूमेंट में उसकी शर्तें अलग थीं। इसी वजह से कपल ने पैकेज को लेकर आपत्ति जताई। मामले में कोर्ट के जरिए पैसा वापस दिलाया गया, लेकिन उपलब्ध स्रोत सामग्री में कोर्ट के आदेश, रकम वापसी की प्रक्रिया या संबंधित अदालत के फैसले का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए उस प्रक्रिया के बारे में अतिरिक्त जानकारी जोड़ना स्रोत के आधार से बाहर होगा।
