भोपाल में 23 अक्टूबर से 12 दिन सजेगा स्वदेशी मेला: 200 स्टॉल पर मिलेंगे हस्तशिल्प, घरेलू सामान और देशी उत्पाद

भोपाल में 23 अक्टूबर से शुरू होने वाले स्वदेशी मेले और 200 से अधिक स्टॉल से जुड़ी खबर

भोपाल में 23 अक्टूबर से शुरू होगा 12 दिवसीय स्वदेशी मेला

भोपाल। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय कारीगरों व उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भोपाल में 23 अक्टूबर से 12 दिवसीय स्वदेशी मेला आयोजित किया जाएगा। मिंटो हॉल के पास एमवीएम ग्राउंड में लगने वाले इस मेले में देशभर के स्वदेशी उत्पादों, हस्तशिल्प, दैनिक उपयोग की वस्तुओं, स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स के 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे।

मेले में खरीदारी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना और स्वदेशी वस्तुओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है। मेले के माध्यम से स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और उनकी बिक्री का अवसर मिलेगा।

स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को मिलेगा बाजार

स्वदेशी जागरण मंच और स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस मेले से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने की उम्मीद है। आयोजकों के मुताबिक, मेले में कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा।

इसके जरिए युवाओं, महिलाओं और नए उद्यमियों को भी स्वरोजगार व उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। स्कूली बच्चों के कार्यक्रम भी इसमें शामिल रहेंगे। खरीदारी के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के आयोजन से मेले को आकर्षक बनाने की तैयारी है।

स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना और देशभर में गतिविधियां

स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना 22 नवंबर 1991 को नागपुर में हुई थी। मंच स्वदेशी विचार को आगे बढ़ाने के लिए देशभर में गतिविधियां आयोजित करता है। आयोजकों के अनुसार, वर्ष 1999 में दिल्ली से शुरू हुई स्वदेशी मेलों की श्रृंखला के तहत अब तक देशभर में 100 से अधिक आयोजन हो चुके हैं। भोपाल का मेला भी इसी श्रृंखला के तहत आयोजित किया जा रहा है। स्वदेशी विचार को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस मेले में देशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने के साथ लोगों को स्थानीय उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इन गतिविधियों के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय कला, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी किया जाएगा।

युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन

मेले में खरीदारी और उत्पादों की बिक्री के अलावा युवाओं को स्वदेशी विचार से जोड़ने के लिए नाटक और नृत्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। आयोजकों का कहना है कि इन गतिविधियों के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय कला, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ा जाएगा। महिलाओं और नए उद्यमियों को स्वरोजगार व उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर रहेगा। इस आयोजन के संचालन के लिए आयोजन समिति गठित की गई है। सतीश विश्वकर्मा को मेला संयोजक बनाया गया है, जबकि सोनी, दीपक वर्मा और रमन तिवारी को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह भोपाल में आयोजित होने वाला स्वदेशी मेला स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और घरेलू उपयोग की वस्तुओं को प्रदर्शित करने के साथ कारीगरों, छोटे उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं को बाजार तथा स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर उपलब्ध कराएगा।

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