भोपाल के मैनिट में मेस का खाना खाने से 40 छात्र बीमार, शारदा अस्पताल में कराए गए भर्ती
मेस का खाना खाने के बाद करीब 40 विद्यार्थी बीमार
भोपाल। राजधानी के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) में मेस का भोजन करने से विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात हॉस्टल नंबर 10 के सीडी ब्लॉक में मेस का खाना खाने से करीब 40 विद्यार्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। विद्यार्थियों को उल्टी-दस्त हो रहे थे और उनमें फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई दे रहे थे। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
करीब तीन महीने पहले जुलाई में भी भोजन करने से विद्यार्थी बीमार हुए थे। अब एक बार फिर मेस का खाना खाने के बाद विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इससे हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को मैनिट के हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली थी। इसके बाद टीम ने शनिवार को हॉस्टल की मेस में भोजन तैयार करने की व्यवस्था, खाद्य पदार्थों के भंडारण और खाद्य सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया।
खाद्य पदार्थों के सात नमूने जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेस में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए कुल सात नमूने प्रयोगशाला भेजे। इनमें तीन विधिक नमूने उड़द दाल, मूंगफली दाना और मोटी सेवई के थे। इसके अलावा चार सर्विलांस नमूने भी जांच के लिए भेजे गए।
निरीक्षण के दौरान मेस में कई अनियमितताएं सामने आईं। मेस बिना खाद्य कारोबार लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल कार्यक्रम और फास्टेक प्रशिक्षण से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इन व्यवस्थाओं की जांच की और खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे। मैनिट में इससे पहले भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। 13 अप्रैल 2025 को मैनिट के हॉस्टल नंबर चार में मेस का भोजन करने से करीब 15 छात्र बीमार हो गए थे। उस समय भी जांच के दौरान अनियमितताएं मिली थीं।
पहले भी सामने आ चुके हैं भोजन की गुणवत्ता से जुड़े मामले
मैनिट में भोजन करने के बाद विद्यार्थियों के बीमार होने का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। करीब तीन महीने पहले जुलाई में भी विद्यार्थी बीमार हुए थे। इसके बावजूद एक बार फिर मेस का खाना खाने के बाद विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने से हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
विभाग की टीम ने मेस का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने भेजे। हालांकि, पहले सामने आए मामले में भी जांच और कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए थे। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं को दर्ज किया और नमूने प्रयोगशाला भेजे। इस पूरे मामले में मैनिट के छात्र मेस के भोजन के बाद बीमार हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के नतीजे और संबंधित व्यवस्थाओं पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
कन्या हॉस्टल के भोजन में भी मिल चुकी हैं इल्लियां
मैनिट के मामले के बीच पंचशील नगर स्थित अजा कन्या कॉलेज के हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे हैं। छात्राओं ने शिकायत की थी कि दाल-चावल में इल्लियां निकल रही हैं, पानी वाली सब्जी परोसी जा रही है और रसोई में गंदगी रहती है। वार्डन नहीं होने के कारण व्यवस्थाएं भी प्रभावित होने की बात कही गई। इन समस्याओं को लेकर अजाक्स युवा छात्रसंघ के अध्यक्ष लक्ष्य भारतीय के नेतृत्व में छात्राओं ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। छात्राओं ने पानी, बिजली, वाशरूम और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं। शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप भी लगाया गया।
सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य ने समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। छात्रसंघ ने कहा कि समस्याएं दूर नहीं होने पर दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इस तरह मैनिट में मेस के भोजन से विद्यार्थियों के बीमार होने की घटना के साथ ही दूसरे हॉस्टल में भी भोजन की गुणवत्ता और बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
